ऐसी थी मेरी पहली रोटी

Monday, 23 November 2009 | comments

दिल से चाहा मैंने उसेसोचा था उसके बारे मेंपहले तो मैं डर गयापर सोचा आज तो करना हैफिर शुरु हो गया द्वंद्वउसके और मेरे बीचबहुत ही प्रयासों सेआखिर वो मिल ही गयीये मेरे सपने के सच होने जैसा थाखुशी मिली असीम मुझेउसके स्वाद की अनुभूति नेकर दिया मुझे आत्मविभोरवो कोई और नहीं थीवो थी मेरी पहली रोटीलेकिन वो कोई साधारण रोटी नहींरोटी थी मेरे आत्मविश्वास कीजिसे...
 
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