
हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए
इस हिमालय से कोई गंगा निकालनी चाहिए!
सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नही
मेरी कोशिश है की ये सूरत बदलनी चाहिए !
( विरोध नही अब विद्रोह होगा , शोक नही संघार होगा!)
कुछ भी ऐसा जो मन को भा गया
हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए
इस हिमालय से कोई गंगा निकालनी चाहिए!
सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नही
मेरी कोशिश है की ये सूरत बदलनी चाहिए !
( विरोध नही अब विद्रोह होगा , शोक नही संघार होगा!)
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good. narayan narayan
बहुत अच्छा .